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441631/03/2010

 उसका अपने जन्मदिन के अवसर पर जिसे उसके परिवार वाले आयोजित करते हैं, उपहार स्वीकार करने और मिठाई खाने का हुक्म

प्रश्न: 146449

अल्लाह का शुक्र है कि मैं अपने जन्मदिन का जश्न नहीं मनाती हूँ, परन्तु यदि कोई मेरे जन्मदिन पर मुझे उपहार भेंट करे तो मुझे क्या करना चाहिए? क्या मैं उसे स्वीकार करूँ या उसे अस्वीकार कर दूँ? यह बात ध्यान में रहे कि यदि मैं ने अपनी सहेली का उपहार स्वीकार नहीं की तो वह मुझसे नाराज़ (क्रोधित) हो सकती है। आमतौर पर मेरा परिवार इस तरह के दिन पर मिठाइयाँ वग़ैरह बना कर जश्न मनाता है, अतः मुझे इस अवसर पर क्या करना चाहिए? क्या मेरे लिए उस पकवान को खाना जायज़ (अनुमेय) है? यदि कोई मेरे जन्मदिन के एक दिन बाद मुझे उपहार भेंट करे, जब कि यह बात मालूम है कि उसने मात्र इसी अवसर (जन्मदिन) के लिए उपहार खरीदा है, तो क्या मेरे लिए उसको स्वीकार करना जायज़ है?

अल्लाह की हमद, और रसूल अल्लाह और उनके परिवार पर सलाम और बरकत हो।

इंसान के जन्मदिन का जश्न मनाना और उसे ईद (त्योहार) का रूप दे देना कि वह प्रत्येक वर्ष लौट कर आए, एक अविष्कारित बिद्अ़त (नवाचार), तथा काफिरों (अविश्वासियों) की छवि अपनाना है। इसीलिए जन्मदिन का जश्न मनाना हराम (निषिद्ध) है, चाहे यह जश्न उपासना के रूप में मनाई जाए या परंपरा के रूप में मनाई जाए।

आपने अपने जन्मदिन का जश्न न मनाकर बहुत अच्छा किया है। हम अल्लाह से प्रार्थना करते हैं कि वह आपको इसका अच्छा बदला प्रदान करे।

यदि आपके परिवार वाले इस समारोह का आयोजन करते हैं तो इस संबंध में आपके करने की दो बातें हैं :

पहली बात :

आप उन्हें ख़ूब समझायें और नसीह़त करें तथा उन्हें बतलाएँ कि यह हमारे धर्म में अवैध चीज़ों में से है।

दूसरी बात :

आप इस समारोह में भाग न लें और कुछ भी ऐसा करने से बचें जिससे इस पर आपकी संतुष्टि और स्वीकृति समझी जाए।

जो उपहार आपको भेंट किया जाता है उसके संबंध में तथा विशेष रूप से इस अवसर पर बनाई जाने वाली मिठाई या पकवान के खाने के संबंध में यह नियम आपका सहयोग करेगा।

इस बारे में बुनियादी सिद्धांत यह है कि आप इस अवसर पर लाए जाने वाले उपहारों में से कुछ भी स्वीकार न करें, चाहे वे उपहार आपको उसी दिन भेंट किए जायें या उस दिन के बाद भेंट किए जायें; क्योंकि उन्हें क़बूल करने में इस अवसर को स्वीकृति देना और इसे जारी रखने में सहयोग करना पाया जाता है। इसलिए आप अच्छे अंदाज़ में उन्हें स्वीकार न करने के लिए क्षमा चाह लें। यदि आपको अपने और अपनी सहेली के बीच संबंध के खराब होने का डर हो तो आप उससे यह स्पष्ट कर दें कि आप उससे यह उपहार उसकी दोस्ती के कारणस्वीकार कर रही हैं, न कि इस नवाचार की वजह से, साथ ही आप उसे यह भी समझा दें कि आप भविष्य में इसे कदापि स्वीकार नहीं करेंगी और न ही उसके जन्मदिन पर उसे उपहार भेंट करेंगी।

इस अवसर के लिए विशेष रूप से जो खाना या मिठाई बनाई गई है, उससे निश्चित रूप से बचना चाहिए, क्योंकि उसका बनाना और उसमें से कुछ खाना उत्सव के अनुष्ठानों का एक हिस्सा है। अतः आपके उसमें से न खाने का मतलब यह होता है कि आप स्पष्ट रूप से इस बिद्अ़त को अस्वीकार करती हैं। और हो सकता है कि यह उन लोगों के इस बिद्अ़त को त्याग कर देने का कारण बन जाए।

तथा प्रश्न संख्या : (9485), (90026), (26804) और (89693) का उत्तर भी देखें।

और अल्लाह ही सब से अधिक ज्ञान रखता है।

स्रोत

साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

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