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क्या गरीब व्यक्ति के लिए ज़कात अदा करने वाले को स्वयं उसी से अपनी ज़कात वसूल करने के लिए वकील बनाना जायज़ है?

प्रश्न: 339075

क्या मैं उस व्यक्ति से जो मुझे ज़कातुल-फ़ित्र देना चाहता है यह कह सकता हूँ : "मैंने तुम्हें इस ज़कात को खुद से मेरे लिए वसूल करने के लिए नियुक्त किया।" ज्ञात रहे कि हम कोरोना की वजह से घर से बाहर नहीं निकल सकते?

अल्लाह की हमद, और रसूल अल्लाह और उनके परिवार पर सलाम और बरकत हो।

एक गरीब व्यक्ति के लिए अमीर आदमी को खुद से ज़कात लेने के लिए वकील बनाना जायज़ है। वह उसे उसके लिए अपने पास से ले लेगा और वह अमीर के पास रहेगी, ताकि गरीब जब चाहे उसे ले ले।

अल्लामा अब्दुर-रहमान बिन क़ासिम ने "हाशियतुर-रौज़" (3/293) में कहा : "इसके पर्याप्त होने और गरीब व्यक्ति के उसका मालिक होने के लिए : उसे लेना (वसूल करना) आवश्यक है, और उससे पहले उसका उसमें कोई व्यवहार (कार्रवाई) करना सही नहीं है।

यदि गरीब व्यक्ति पैसे के मालिक को खुद से ज़कात वसूल करने के लिए नियुक्त कर दे, और यह कि उसके बाद वह उससे कपड़ा या ऐसे ही कोई चीज़ खरीदे : तो यह सही है।’’ उद्धरण समाप्त हुआ।

तथा शैख इब्ने उसैमीन रहिमहुल्लाह ने कहा : “किसी व्यक्ति के लिए अपनी ज़कात से कोई चीज़ (सामान) खरीदना, फिर उन्हें दिरहम (पैसों) के बदले में (गरीब को) भुगतान करना जायज़ नहीं है। विद्वानों का कहना है : इसलिए कि पैसे गरीब के लिए अधिक लाभदायक हैं। क्योंकि वह पैसों को जैसे चाहे उपयोग कर सकता है, लेकिन जो धन सामान के रूप में है उसका मामला इसके विपरीत है। क्योंकि हो सकता है कि उसे उनकी आवश्यकता ही न हो। ऐसी स्थिति में वह उन्हें कम दाम में बेच देगा।

लेकिन इसका एक तरीका (समाधान) है, यदि आप डरते हैं कि अगर आप इस घर के लोगों को ज़कात देते हैं, तो वे उसे आवश्यक जरूरतों के अलावा अन्य पर खर्च कर देंगे। इसलिए आप घर के मालिक को,  चाहे वह पिता, या माता, या भाई, या चाचा कोई भी हो, आप उससे कहें : मेरे पास ज़कात की राशि है, तो आप लोगों को किन चीजों की आवश्यकता है, जो मैं आपके लिए खरीद लूँ और उन्हें आपके पास भेज दूँॽ यदि वह इस विधि को अपनाता है, तो यह जायज़ है, और ज़कात की उसके उचित मसरफ़ में अदायगी हो जाएगी।

“मजमूओ फतावा इब्ने उसैमीन” (18/481) से उद्धरण समाप्त हुआ।

यह गरीब व्यक्ति का ज़कात देने वाले को ज़कात के पैसे से चीजों को खरीदने के लिए वकील बनाना है, केवल उसे उसके लिए वसूल करने में नहीं। लेकिन यह इस बात को शामिल है कि वह उसे पहले खुद से वसूल करेगा (उसके बाद सामान खरीदेगा), भले ही गरीब व्यक्ति या ज़कात देने वाले ने इसको स्पष्ट नहीं किया है।

और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

स्रोत

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