हम अह्ले सुन्नत में से (अर्थात् सुन्नी लोग) हैं, और एक शीया देश में रहते हैं, हम हज्ज का फरीज़ा (कर्तव्य) अदा करना चाहते हैं। हम देश वालों के साथ सफर नहीं कर सकते क्योंकि वे लोग शीया हैं और रास्ते में समस्यायें पैदा होने की संभावना है।
हर प्रकारकी प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए योग्य है।
आपलोगों के ऊपर अनिवार्य है कि आप लोग हज्ज करें चाहे शीया लोगों के साथ ही क्यों न होयदि आप लोग हज्ज करने पर सक्षम हैं। इसके साथ ही आप लोगों को चाहिए कि शीया लोगों केसंदेहों और उनके झूठे मत से सावधान रहें। और यदि आप लोगों से यह हो सकता है कि आपलोग उन्हें नसीहत करें और उन्हें अह्ले सुन्नत का मत अपनाने का निमंत्रण दें,तो आप लोगों केऊपर ऐसा करना अनिवार्य है;क्योंकि अल्लाह सर्वशक्तिमान का फरमान है:
ادْعُ إِلَى سَبِيلِ رَبِّكَبِالْحِكْمَةِ وَالْمَوْعِظَةِ الْحَسَنَةِ وَجَادِلْهُمْ بِالَّتِي هِيَ أَحْسَنُ[النحل : 125]
“अपनेरब के रास्ते की ओर लोगों को हिक्मत और अच्छी नसीहत के साथ बुलाईये, और उनसे अच्छे ढंगसे बहस कीजिये।” (सूरतुन्नह्ल: 125)और इसके अलावा अन्य आयतें जो अल्लाह सर्वशक्तिकी तरफ बुलाने,भलाई का आदेश करने और बुराई से रोकने की अनिवार्यता पर तर्कस्थापित करती हैं। अल्लाह तआला सभी लोगों की स्थिति में सुधार पैदा करे।